नहीं रहे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामजी दास टंडन

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नहीं रहे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामजी दास टंडन

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल और भाजपा, चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन के पिता बलरामजी दास टंडन का मंगलवार दोपहर 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें सुबह ही (मेकाहारा) अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जानकारी के मुताबिक राज्यपाल बलरामजी दास टंडन सुबह राजभवन में नाश्ता कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से एक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी हालत देखने के बाद मेकाहारा लाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए वेंटिलेटर पर रखा गया था। राज्यपाल के निधन पर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने शोक जताया है। सीएम रमन सिंह अस्पताल में उनका हाल-चाल जानने के लिए पहुंचे थे। राज्यपाल के निधन पर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने प्रदेश में 7 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण तो होगा, लेकिन सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। राज्यपाल टंडन का जन्म 1 नवंबर 1927 को अमृतसर पंजाब में हुआ था। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय लाहौर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। इसके पश्चात वे निरंतर सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। निस्वार्थ भाव से समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों की वजह से टंडन पंजाब की जनता में काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने पंजाब मंत्रिमंडल में केबिनेट मंत्री के रूप में उद्योग, स्वास्थ्य, स्थानीय शासन श्रम एवं रोजगार आदि विभागों में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने कुशल प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। टंडन व 1979 से 1980 के दौरान पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे।  राज्यपाल टंडन वर्ष 1975 से 1977 तक आपातकाल के दौरान जेल में रहे, लेकिन इसके बावजूद अपनी निरंतर सक्रियता से वह राज्य शासन के सामने जनहित के मुद्दों को लाते रहे। वर्ष 1991 में लोकसभा चुनाव की घोषणा ऐसे समय हुई थी जब पंजाब में आतंकवाद अपनी चरम स्थिति में था।

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