जिंदगी की कई कहानियों को दर्शाती “फाइंडिंग जुलिया”

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जिंदगी की कई कहानियों को दर्शाती “फाइंडिंग जुलिया”

Rana Preet Gill

 ये जिंदगी हर दिन असंख्य पहेलियों से भरी हुई हुआ है, और हमारे दिल और आत्मा में एक छाप छोड़ती है, लेकिन हम शायद ही कभी जीवन में इन छोटी बड़ी घटनाओं को संकलित करने की कोशिश करते हैं। राणा प्रीत गिल ने अपनी नई किताब, फाइंडिंग जूलिया को लॉन्च किया है, जो कि कई राष्ट्रीय समाचारपत्रों में प्रकाशित उनके मिडिल्स का संकलन है। ये किताब फाइंडिंग जूलिया के रूप में उनका दूसरा साहित्यिक काम है। पिछले साल उन्होंने अपनी किताब रिलीज की थी जो कि लगातार बेस्टसेलर में से एक बना हुई है। 
प्रसिद्ध लेखक और प्रेरक वक्ता विवेक अत्रे द्वारा चंडीगढ़ प्रेस क्लब में उनकी इस नई किताब को रिलीज किया गया। राणा प्रीत गिल पशुपालन विभाग, पंजाब के साथ काम करने वाली एक पशु चिकित्सा अधिकारी हैं, जो कि होशियारपुर, पंजाब में कार्यरत हैं। पुस्तक लॉन्च के बाद लेखक और लेखिका सीरत गिल के बीच एक रोचक इंटरएक्टिव सेशन भी हुआ। 
राणा प्रीत गिल ने अपनी पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ‘‘31 मई, 17 को द ट्रिब्यून में मेरा पहला मिडल ‘पेट पीव नो मोर’ प्रकाशित हुआ था। यह मेरी फेसबुक पोस्ट थी जिसने बहुत से लाइक्स और कमेंट्स मिले थे। इस रिस्पांस से प्रोत्साहित होकर, मैंने इसे एक मिडिल में बदल दिया और द ट्रिब्यून को भेज दिया। अगस्त 17 में, मैंने एक और फेसबुक पोस्ट को ‘मिंडो-द अनफोरगेटेबल चाची’, नाम से मिडिल में बदल कर  बहुचर्चित कॉलम स्पाइस ऑफ लाइफ (हिंदुस्तान टाइम्स) को भेजा। इसे भी स्वीकार कर लिया गया और मेरा दूसरा पीस हिंदुस्तान में 9 अगस्त, 17 को प्रकाशित हुआ। उस साल तीस पीस द ट्रिब्यून, हिंदुस्तान टाइम्स और डेली पोस्ट में प्रकाशित हुए। जो मेरे लिए एक बड़ी बात है।’’
राणा प्रीत गिल ने कहा कि ‘‘2018 में, मैंने अपने मिडिल्स को द हिंदू, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, डेक्कन हेराल्ड, द हितवादा और वुमेंस इरा में भेजने शुरू कर दिए। 2018 के अंत तक, मेरे पास आठ प्रकाशनों में 99 प्रकाशित आर्टिकल्स थे। मैंने हमेशा पूरी ईमानदारी के साथ लिखा है और हर मिडिल/ पीस मेरे जीवन और विचारों का एक छोटा सा हिस्सा है। ’’
यह बताते हुए कि उन्होंने अपने कलेक्शन को ‘फाइंडिंग जूलिया’ का नाम क्यों दिया, राणा प्रीत गिल ने बताया, यह उनके सबसे यादगार मिडिल्स में से एक है। 
यह किताब राणा प्रीत गिल की प्रकाशित पीसेज का एक बेहतरीन संकलन है। इसे सात खंडों में विभाजित किया गया है जिनमें पेट्स, पीपुल, प्रोफेशन, चाइल्डहुड मेमोरीज, सोसायटी एंड एजुकेशन, सेहर और सोल मेेटर्स शामिल हैं। 
लेखिका के बारे में: 
डॉ.राणा प्रीत गिल रचनात्मक लेखकों के दायरे में एक प्रसिद्ध नाम है, और यह पशुपालन विभाग, पंजाब में होशियारपुर में कार्यरत पशु चिकित्सा अधिकारी है। उनके संपादकीय कॉलम अग्रणी अंग्रेजी समाचार पत्रों, हिंदुस्तान टाइम्स (स्पाइस ऑफ लाइफ), द ट्रिब्यून, डेली पोस्ट, द हितावादा और वुमेंस इरा में प्रमुख रूप से दिखाई देते हैं। ये उनकी दूसरी किताब है। उनकी तीसरी किताब ‘द मिसएडवेंचर्स ऑफ ए वेट’ भी प्रकाशित हो चुकी है और अमेजन पर उपलब्ध है। उन्होंने एक नॉवेल ‘दोज कॉलेज ईयर्स’ भी लिखा है जो कि बीते साल रिलीज हुआ था। 
एक प्रेरक वक्ता के तौर पर उन्हें अक्सर स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न मुद्दों पर व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जाता है। उनकी यूनिवर्सिटी, गुरु अंगद देव वेटनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने उन्हें कृषक समुदाय को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए अपने विशिष्ट एल्यूमी अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। एक भावुक पाठक होने के अलावा, एक भावुक लेखिका के साथ ही वे एक प्रतिभाशाली गायिका के तौर पर भी सराही जाती हैं। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने उन्हें लगातार दो वर्षों के लिए बेस्ट सिंगर अवॉर्ड से सम्मानित किया। 
वह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर  dr_rana_preet_gill के नाम से सक्रिय हैं और ट्विटर पर @drranapreetgill के नाम से हैं।

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